ग्रामीण मित्र ... पर आपका हार्दिक स्वागत है ......

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गुरुवार, 23 जून 2011

तेरी इक मुस्कान ........


तेरी इक मुस्कान ........ 

न कोमल कलि की शान में ,न कोयल की गान में !
मैं तो बस मदहोश हुआ .. गांवली .......
इक तेरी मुस्कान में !

4 टिप्‍पणियां:

  1. महा-स्वयंवर रचनाओं का, सजा है चर्चा-मंच |
    नेह-निमंत्रण प्रियवर आओ, कर लेखों को टंच ||

    http://charchamanch.blogspot.com/

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  2. बहुत खूबसूरत पंक्तियाँ
    आपको मेरी हार्दिक शुभकामनायें

    लिकं हैhttp://sarapyar.blogspot.com/
    अगर आपको love everbody का यह प्रयास पसंद आया हो, तो कृपया फॉलोअर बन कर हमारा उत्साह अवश्य बढ़ाएँ।

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